भोला भांग तुम्हारी मैं घोटत-घोटत हारी….भजन

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भोला भांग तुम्हारी,

मैं घोटत-घोटत हारी,

हमसे ना घोटी जाए,

तेरी एक दीना की होए तो घोटु,

रोज ना घोटी जाए।।

श्लोक-भोले तो अलमस्त है,

पिए धतूरा भांग,

गले में सोहे कालिया,

जटा में सोहे गंग,

गंग भंग दो बहन है,

जो रहे उमा के संग,

जिंदा तारण भंग है,

मुर्दा तारण गंग।

भोला भांग तुम्हारी,

मैं घोटत-घोटत हारी,

हमसे न घोटी जाए,

तेरी एक दीना की होए तो घोटु,

रोज ना घोटी जाए।

बम भोला बम भोला बम भोला,

बम भोला बम भोला बम भोला।

जिस दिन से मैं ब्याह के आई,

भाग हमारे फूटे,

राम करे ऐसा हो जाए ये सिलबट्टा टूटे,

ये रोज-रोज की रगड़-झगड़,

हमसे तो सही ना जाए,

तेरी एक दीना की होय तो घोटु,

रोज न घोटी जाए।

बम भोला बम भोला बम भोला,

बम भोला बम भोला बम भोला।

नाजुक तनह ै नाज से पाला,

कैसे कहु कसाले,

घोटत-घोटत भांग तुम्हारी,

हाथ में पड़ गए छाले,

मैं मायके को जाऊं तो स्वामी,

अकल ठिकाने आए,

तेरी एक दीना की होय तो घोटू,

रोज ना घोटी जाए।

सुन गणपति की महतारी,

तुम घोंटो भंग हमारी,

बिन भांग रहा नहीं जाए,

गौरां तुमको छोड़ दूं लेकिन,

भांग न छोड़ी जाए।

सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा,

सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा।

भांग नहीं भगवती है ये,

घट-घट में रहने वाली,

इसको पीकर ऋषि मुनि नारद,

निशदिन ध्यान लगाए,

गौरां तुमको छोड़ दूं लेकिन,

भांग न छोड़ी जाए।

बम भोला बम भोला बम भोला,

बम भोला बम भोला बम भोला।

भोला भांग तुम्हारी,

मैं घोटत-घोटत हारी,

हमसे ना घोटी जाए,

तेरी एक दीना की होय तो घोटु,

रोज ना घोटी जाए।

सुन गणपति की महतारी,

तुम घोंटो भांग हमारी,

बिन भांग रहा नहीं जाए,

गौरा तुमको छोड़ दूं लेकिन,

भांग न छोड़ी जाए।

सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा,

सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा।

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