मेलापारा चांटीडीह में बह रही भक्ति धारा, चल रही भागवत कथा

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बिलासपुर.मेलापारा चांटीडीह में इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा की बयार बह रही है। इस ज्ञान गंगा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोता लगा रहे है। कथा के व्यासपीठ पंडित नवीन कुमार पाठक पुछेली पथरिया वाले है, जबकि पारायण वाचक पंडित कोमल शर्मा एवं आचार्य पंडित हेमंत पाठक है।

31 जनवरी से 8 फ़रवरी तक चलने वाले इस भागवत कथा में आठवें दिन कथाव्यास ने द्वारिका लीला, सुदामा चरित्र एवं परीक्षित मोक्ष का रहस्य बताए।नवीन पाठक महाराज ने बताया की भगवान श्रीकृष्ण के लिए कोई अमीर गरीब व ऊंच-नीच जाति का नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सुदामा जी हैं।

जब अपनी दरिद्र अवस्था से सुदामा तंग आ गए तो उन्हें अपने सखा कृष्ण की याद आई और वे उनसे द्वारिका मिलने पहुंच गए। द्वारिका में जैसे ही भगवान कृष्ण ने यह सुना कि उनके मित्र सुदामा आए हैं तो वे नंगे पैर ही उनसे मिलने के लिए दौड़ पड़े। भावुक होकर उन्हें अपने गले लगा लिया।

इसके बाद उन्होंने मित्र सुदामा के सारे कष्ट दूर कर दिए। इसी प्रकार जो कोई भी मनुष्य उनसे प्रेमभाव रखता है तो भगवान अपने प्रिय भक्त के सारे दुखों को दूर कर देते हैं। इसके बाद उन्होंने द्वारिका लीला, परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का भी वर्णन किये।

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