गर्भवती महिलाओं को बताए जा रहे आयोडीन के फायदे

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बिलासपुर. बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग के कोरोना वारियर्स कोरोना ड्यूटी के साथ विश्व आयोडीन अल्पता विकार निवारण सप्ताह के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

विभाग के फील्ड कर्मचारी लोगों को शोसल डिस्टेंसिंग, मास्क आदि के प्रति जागरूक करने के साथ ही शरीर में आयोडीन का महत्व तथा आयोडीन की अल्पता को नियंत्रित करने के उपाय बताए जा रहे हैं।

इस दौरान गर्भवती महिलाओं और शिशुओं में आयोडीन की कमी न हो, इसके लिए विशेष जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ विभाग के कर्मचारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व मितानिन के साथ मिलकर गर्भवती महिलाओं को घर-घर पहुंचकर आयोडीन का महत्व बता रही हैं।

गर्भवती महिलाओं को यह बात विशेष रूप से बताई जा रही है कि आयोडीन की कमी से गर्भपात, नवजात शिशुओं का वजन कम होना, शिशु का मृत पैदा होना और जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु होना आदि हो सकते हैं।

एक शिशु में आयोडीन की कमी से उसमें बौद्धिक और शारीरिक विकास समस्याएं जैसे मस्तिष्क का धीमा चलना, शरीर का कम विकसित होना, बौनापन, देर से यौवन आना, सुनने और बोलने की समस्याएं तथा समझ में कमी आदि हो सकती हैं।

जिला टीकाकारण अधिकारी डॉ. मनोज सैमुअल का कहना है कि उनके द्वारा बनाई गई टीम गांवों में में जाकर लोगों को उनके शरीर में आयोडीन का संतुलन बनाए रखने के लिए बता रहे हैं।

उन्हें बताया जा रहा है कि यह कार्य थाइरोक्सिन हार्मोंस करता है जो मनुष्य की अंतस्रावी ग्रंथि थायराइड ग्रंथि से स्रावित होता है। आयोडीन की कमी से मुख्य रुप से घेंघा रोग होता है।

साथ ही चेहरे पर सूजन, गले में सूजन , गले के अगले हिस्से में थाइराइड ग्रंथि में सूजन, थाइराइड की कमी ,जब थाइराइड हार्मोन का बनना सामान्य से कम हो जाए और

मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में बाधा वजन बढ़ना, खून में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ना और ठंड बर्दाश्त न होना जैसे अन्य रोग होते हैं।

इस संबंध में डॉ. सैमुअल ने बताया आयोडीन अल्पता विकार निवारण सप्ताह के तहत कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-

सहायिका व मितानिनों के द्वारा गांव-गांव में लोगों को आयोडीन का महत्व समझाकर आयोडीन की अल्पता को नियंत्रित करने के उपाय बताए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता में रखा गया है।

उनका कहना है कि लोगों में आयोडीन की कमी के प्रति जागरू करने से वह इसे लेकर सजग होंगे और आयोडीन की पूर्ति के लिए आयोडीन युक्त नमक व हरी सब्जियां आदि का सेवन करेंगे।

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