आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों के शोध के बाद डॉक्टरों ने भी माना, डिस्पोजेबल ग्लास ही नहीं पेपर कप में भी चाय पीने के हैं कई नुकसान

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बिलासपुर. हम जब भी घर से बाहर किसी काम से जाते हैं तो चाय पीना हो ही जाता है। बाहर दुकान में दोस्तों के साथ या मीटिंग्स में अक्सर हम डिस्पोजेबल ग्लास में चाय पीते हैं।

चाय की दुकान में कांच की ग्लास मिलती है, लेकिन सही से धुली न होने से हम पेपर कप में चाय देने की डिमांड करते हैं। पेपर कप में हम यह सोचकर चाय पीते हैं कि वह साफ और सुरक्षित है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।

आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों के शोध के बाद बिलासपुर में जब कुछ डॉक्टरों से इसे लेकर बात की गई तो उन्होंने भी कहा कि डिस्पोजेबल ग्लास चाहे प्लास्टिक की हो या

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पेपर कप सभी में चाय पीना सेहत के लिए हानिकारक है। गर्म पेय पदार्थ होने से कप के कई ऑप्टिकल उसमे घुल जाते हैं और हमारे शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचाते हैं।

आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति दिन में तीन बार चाय या कॉफी पेपर कप में पीता है तो वह 75,000 छोटे सूक्ष्म प्लास्टिक के कणों को निगल जाता है।

ऐसे पहुंचाता है शरीर को नुकसान

बिलासपुर जिला अस्पताल के आरएमओ डॉक्टर सीबी मिश्रा बताते हैं, डिस्पोजेबल ग्लास या पेपर कप के अंदर सूक्ष्म.प्लास्टिक और अन्य खतरनाक घटक मौजूद होते हैं।

गर्म तरल पदार्थ कप में डालते ही यह हानिकारक पदार्थ उसमें घुल जाते हैं। पेपर कप में सूक्ष्म प्लास्टिक आयन का इस्तेमाल किया जाता है।

यह पैलेडियम, क्रोमियम और कैडमियम जैसे कार्बनिक यौगिकों और ऐसे कार्बनिक यौगिकों से बना होता हैजो जल में घुलनशील नहीं है।

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जब यह मानव के शरीर में प्रवेश करते हैं तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल कर आप को बीमार कर सकते हैं।

प्लास्टिक की तरह पेपर कप से भी बचिए

डॉ. अनितेंद्र का कहना है कि इसके परिणामों को देखा जाए तो प्लास्टिक के कप की तरह ही पेपर कब से भी चाय पीने से बचना चाहिए। पेपर कप को भी प्लास्टिक कप की तरह हमेशा के लिए गुडबाय बोल देना चाहिए।

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