126 साल बाद गणेश चतुर्थी पर बन रहा विशेष योग, जाने क्या है खास

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पूरे देश में गणेश चतुर्थी की तैयारी कर रहा है। इस बार चतुर्थी को बहुत ही खास योग बन रहा है। ऐसा योग 126 साल बाद बना है। इस साल 22 अगस्त शनिवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। गणेशजी को सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय माना गया है। कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गणेश जी की आरती की जाती है। गणेश चतुर्थी पर लोग गणेश जी को अपने घर लाते है। गणेश चतुर्थी के ग्यारहवें दिन धूमधाम के साथ उन्हें विसर्जित कर दिया जाता है। फिर अगले साल जल्दी आने की प्रार्थना की जाती है। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद मनोज तिवारी ने बताया कि 22 अगस्त को शाम 7बजकर 27 बजे तक चतुर्थी की तिथि है। हस्त नक्षत्र भी शाम 7 बजकर 10 मिनट तक है।

इस दिन के मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से शाम 4 बजका 48 मिनट तक चर, लाभ और अमृत के मुहूर्त है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी ऐसे समय में मनाई जा रही है। जब सूर्य सिंह राशि में और मंगल मेष राशि में है। सूर्य और मंगल का यह योग 126 साल बाद बन रहा है। यह योग विभिन्न राशियों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा। गणेश चतुर्थी पर हर साल जगह-जगह झांकी पंडाल सजाए जाते थे। गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाती थी। लेकिन इस वर्ष कोरोना के चलते गणेश जी की झांकी व पंडाल लगाना प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन लोग घरों में गणपति की स्थापना कर पूजन कर सकते है।

सभी राशियों को मिलेगा लाभ

मेष

राशि से पंचम मूल त्रिकोण से सूर्य का गोचर आपके प्रभाव में वृद्धि करेगा। नई कार्य योजनाएं फलीभूत होंगी।

वृषभ

राशि से चतुर्थ भाव में सूर्य का गोचर पारिवारिक कलह के कारण मानसिक अशांति पैदा कर सकता है।

मिथुन

राशि से पराक्रम भाव में सूर्य का गोचर आप में ऊर्जा शक्ति का भंडार भर देगा। अपनी जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए विवके का सही उपयोग करेंगे तो कामयाबियों के चरम तक पहुंचेंगे।

कर्क

राशि से धनभाव में सूर्य का गोचर आर्थिक पक्ष को मजबूत करेगा। किंतु कई बार अनी ही कटु वाणी के द्वारा आप बनते हुए कार्य को भी बिगाड़ सकते है। इसलिए भाषा का प्रयोग बहुत समझ बूझ के साथ करे।

सिंह

आपकी स्वयं की राशि में राषि स्वामी सूर्य का आना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है किंतु यह समय आपकी परीक्षा भी है। इसलिए अपने क्रोध पर नियंत्रण रखते हुए। ऊर्जाशक्ति का सही दिशा में उपयोग करते हुए कार्य करे।

कन्या

राशि से हानि भाव में सूर्य का गोचर मिला जुला फल कारक सिद्ध होगा। कष्ट कारक यात्रा भी करनी पड़ सकती है। किसी संबंधी अथवा मित्र के द्वारा अशुभ समाचार भी मिल सकता है।

तुला

राशि से लाभ भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सभी अरिष्टों का शमन होगा। चुनाव संबंधी कोई भी निर्णय लेना चाह रहे हो तो उसमें भी सफलता मिलेगी। आय के साधन बढ़ेंगे।

धनु

राशि से भाग्य भाव में सूर्य का गोचर बेहतरीन सफलतादायक सिद्ध होगा। आपकी भाग्य उन्नति तो होगी ही आर्थिक पक्ष भी मजबूत होगा। धर्म-कर्म के मामलों में भी आगे रहेंगे।

मकर

राशि से अष्टमभाव में सूर्य का गोचर आपको प्रतापी यशस्वी बनाएगा। किसी नए पुरस्कार अथवा कार्यक्षेत्र में बड़े सम्मान की प्राप्ति के योग है। किंतु आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे।

कुंभ

राशि से सप्तम भाव में सूर्य का गोचर कार्य व्यापार में उन्नति तो देगा ही आय में वृद्धि होगी। नए अनुबंध पर हस्ताक्षर भी कर सकते है। किंतु दांपत्य जीवन के लिए यह संयोग अच्छा नहीं रहेगा।

मीन

राशि से छठे शत्रुभाव में सूर्य का गोचर भी आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। किंतु अत्यधिक खर्च के कारण आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है।

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