40 दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ समापन

पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ द्वारा 40 दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ का अनुष्ठान आज संपन्न हुआ और इसके साथ-साथ कोरोना समन नासक यज्ञ का भी आयोजन हुआ। दरबार तीर्थ के प्रमुख सेवादारी बंटी ने यह जानकारी दी। कोरोना महामारी की दूसरी लहर जैसे ही आरंभ हुई। पूज्य महाराज श्री नवम पीठाधीश्वर संत डॉण् युधिष्ठिर लाल जी ने अपने श्री मुख से 40 दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ करने का निर्णय लिया और चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से पूज्य संत द्वारा यह यज्ञ आरंभ हुआ पूज्य संत द्वारा फेसबुक पर लाइव कथा का प्रसारण किया गया कथा के विश्राम के समय प्रतिदिन पूज्य संत जी द्वारा पृथ्वी से यह महामारी शीघ्र चली जाए।

ऐसी प्रार्थना श्री राम के चरणों में की जाती थी और 40 वें दिन कोरोना समन नाशक यज्ञ का भी आयोजन किया गया विश्राम दिवस पर पूज्य संत जी ने सभी श्रद्धालुओं को उत्साहित रहने की प्रेरणा दी। धर्म से जुड़े रहे, धार्मिक अनुष्ठान करते रहे। परमात्मा पर पूर्ण विश्वास रखें। ऐसे कई उदाहरण देते हुए लोगों का उत्साह वर्धन किया प्रतिदिन श्री राम संकीर्तन गायत्री व सुमन के द्वारा किया जाता था। मंच संचालन कैमरा व्यवस्था बंटी गावड़ा, वंश कुकरेजा, चदंर बतरा द्वारा किया जाता था सभी व्यवस्थाओं की देख-रेख मुखी श्री भजन दास जी व शदाणी सेवा मंडल के अध्यक्ष श्री बाबू राम आहूजा करते थे इस 40 दिवसीय आयोजन में तीन वर्चुअल वेबीनार का भी आयोजन हुआ।

जिसमें जूम मीटिंग के माध्यम से हरिद्वार भारत माता मंदिर से आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी, श्री धाम वृंदावन से डॉ़ शिशुपाल शर्मा, उज्जैन से पंडित विजय शंकर जी मेहता ने अपना विशेष आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर भारतीय सिंधु सभा महिला विंग की राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती विनीता भावनानी जी ने कहा के शदाणी दरबार छत्तीसगढ़ का तीर्थ स्थल है जो लोग अन्य तीर्थ स्थान पर नहीं जा पाते हैं अगर वह यहां पहुंच जाएंगे तो उनको सारे तीर्थ स्थलों का पुण्य प्राप्त हो जाएगा क्योंकि शदाणी दरबार मैं सभी देवी-देवताओं का दर्शन एक साथ हो जाता है पूजा हो जाती है मन को तन को शांति मिलती है मां कलावती दूसेजा ने कहा शदाणी दरबार मिनी सिंध है।

जब भी वहां पर कोई सत्संग कीर्तन यहां जन्म उत्सव किसी संत महात्मा का मनाया जाता है या कार्यक्रम होता है तो ऐसा लगता है सिंध पाकिस्तान से चलकर शदाणी दरबार में पहुंच गई है। पूरे भारत में यह है एक ही ऐसी दरबार है जहां पर सिंध और हिंद के लोग आपस में मिलते हैं वह र्साइ जी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का जत्था हर साल भारत से प्यार आपसी भाईचारा का संदेश लेकर सिंध पाकिस्तान जाता है, और वहां से भी भक्तजनों का जत्था भारत आता है।

पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष किशोर गेमनानी जी ने कहा की शदाणी दरबार के द्वारा प्रतिदिन परोपकार के कार्य किए जाते हैं दीन-दुखियों के सेवा की जाती है। ऐसी दरबार में पहुंचकर ऐसा लगता है कि हरि के द्वार पहुंच गए। देवीदास वाधवानी, प्रकाश गवलानी, डी डी आहूजा ने कहा हमें खुशी है कि ऐसी दरबार हमारे सिंधी समाज संत की हैं, जहां पर सिंध से लेकर हिंदुस्तान की विरासत आज भी सुरक्षित पड़ी है ऐसी संस्कृति की झलक आज भी वहां हम देख सकते हैं। जय-जय शदाराम बोलने से दुख तकलीफ आधी ऐसे ही दूर हो जाती है और संत जी के दर्शन से ही मात्र आत्मा तृप्त हो जाती है।

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