भगवान श्री कृष्ण को क्यों प्रिय है मोर पंख, जाने कारण

भगवान श्री कृष्ण का जब भी स्मरण करते है तो हमारे मन में उनकी सुंदर मूरत नजर आ जाती है। जिससे उनके लीलाओं का भी ध्यान हमारे मन में आ जाता है। हर छवि में उनके सिर पर शोभा बढ़ाता मोर पंख नजर आता है। भगवान श्रीकृष्ण को मोर पंख आखिर इतना प्रिय क्यों है कि हमेशा ही वे श्रृंगार में मुकुट पर मोर पंख अवष्य ही धारण करते है। इस लेख के माध्यम से हम भगवान के मोर पंख के प्रिय होने के कारण को बताएंगे।


बचपन से ही माता यशोदा अपने लल्ला के सर इस मोर पंख को सजाती थी। बड़े होने के बाद श्रीकृष्ण स्वयं भी इसे अपने मुकुट पर सजाते रहे है। ऐसी मान्यता है कि श्रीकृष्ण जब राधा के संग मुरली बजाकर नृत्य किया करते थे तब मोर भी उनके संग नृत्य करते थे। ऐसे में मोरपंख टूट के गिरने पर राधा श्रीकृष्ण के मुकुट पर लगा दिया करती थी।


0 मोर पंख ही इसलिए पसंद
संसार में इतने सारे पक्षी है लेकिन उन सब में भगवान श्रीकृष्ण मोर पंख को ही क्यों लगाते है इसका भी कारण है मोर एक मात्र पक्षी है जो संभोग नहीं करता है। मोर अपने आंसूओं में जीव उत्पन्न करने की शक्ति रखता है। जब मोरनी मोर के आंसूओ को पीती है तो उससे ही उसको मोर-मोरनी होते है। इसलिए मोर को अत्यंत पवित्र पक्षी माना गया है। यहीं कारण है कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी मोर के पंख को अपने मस्तक पर सजने वाले मुकुट के साथ स्वीकार किया है।

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