पहाड़ों पर यहां विराजते है भगवान राम माता सीता के साथ, जाने राम टेकरी का इतिहास

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छत्तीसगढ़ में श्री राम की महिमा आज से नहीं बल्कि सदियों से गाई जा रही है। पुरातात्वीक स्थल रतनपुर में भी भगवान राम का एक खास मंदिर है। जो पहाड़ों पर है जिसके कारण इसे राम टेकरी के नाम से जाना जाता है। यहां पर आने वाले लोगों को भगवान राम माता सीता के साथ विराजमान है। यह मंदिर मराठों के शासन काल में बनवाया गया था।


मराठा शासक बिम्बा जी भी भगवान राम के भक्त थे। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण उन्हीं के शासन काल में हुआ था। जिसमें भगवान राम के समक्ष हाथ जोड़े हुए मराठा शासक बिम्बा जी खड़े नजर आते है। इस मंदिर को प्रकृति की सुंदरता के बीच ऊंचे पहाड़ पर बनाया गया है। यहां पहुंचकर अलग सा सुकून मिलता है।

० पहाड़ों पर है अद्भूत राम टेकरी
माना जाता है कि भगवान राम के भक्त होने के कारण मराठा शासको ने इस मंदिर को बनाया था। भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के समय वे अरण्य में ही थे। इसलिए इस मंदिर को भी अरण्य के बीच पहाड़ी पर बनाया गया। प्रदेश का यह सबसे अनूठे व अद्भूत मंदिरों में से एक माना जाता है। जहां पर इतनी ऊंचाई पर भगवान राम विराजमान है।


० कैसे पहुंचे
राम टेकरी रतनपुर में स्थित है। बिलासपुर जिले से लगभग 27 किलोमीटर दूरी पर पहाड़ों में यह मंदिर है। इस मंदिर तक पहुंचने के दो मार्ग है। एक गिरिजाबन हनुमान मंदिर के सीधे रोड से जा सकते है। वहीं दूसरा मार्ग है सीढि़यों वाला जो वृद्धेश्वर शिव मंदिर के पास से होकर जाता है।

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